IPL 2021: RR Vs PBKS - मयंक-राहुल पर भारी पड़ा Tyagi का अंतिम ओवर।

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#Match 32 IPL 2021 के मैच में राजस्थान रॉयल्स(RR) ने पंजाब किंग्स(PBKS) पर 2 रनों की शानदार जीत की। इस जीत के साथ RR पॉइंट्स टेबल में पाँचवें स्थान पर आ गया। टॉस जीतकर राजस्थान ने यशस्वी जायसवाल, महिपाल के गदर मचाने वाले खेल से 185 रन बनाये। जवाब में पंजाब की टीम 183 रन ही बना सकी।  इस हाई स्कोरिंग मैच में बल्लेबाजों ने जम कर गेंदबाजों को कूटा। पर गेंदबाज भी कम नहीं। पहले मोहम्मद शमी और अर्शदीप ने तो दूसरी पारी में कार्तिक त्यागी ने  विकेट लिए और मैच में बल्लेबाजों के दबदबे पर अंकुश लगाया। त्यागी ने आईपीएल इतिहास में दूसरी बार अंतिम ओवर में 4 रन डिफेंड किया। # लुइस और यशस्वी धुआँधार शुरुवात अक्सर RR के ओपनर अच्छी शुरवात नहीं कर पाते परन्तु आज अलग दिन था और अलग ओपनर। राजस्थान की तरफ से अपना पहला मैच खेलने वाले एवन लूइस(Evin Lewis) ने आते ही अपने हाथ खोलने शुरू कर दिए। ताबड़तोड़ 21 गेंदों में 7 चौके और 1 छक्के लगाकर 36 रन बना डाले। यशस्वी जायसवाल(Yashasvi Jaiswal) के साथ 54 रन की साझेदारी कर डाली।  इनको देख यशस्वी ने भी बल्ला भांजना शुरू कर दिया। देखते-ही-देखते 36 गेंदों में ...

दबाव(Pressure) से निपटने के लिए Dhoni के तरीके का पालन करना आसान नहीं है - मनिंदर सिंह

मानसिक स्वास्थ्य! गंभीर विषय!

पिछले कुछ समय से यह एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। क्रिकेट खिलाड़ियों में इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले 2 सप्ताहों में खेल जगत से ऐसी दो बड़ी खबर आयी जो मानसिक स्वास्थ्य को महत्त्व देने के लिए मजबूर करते हैं। पहला टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) से सिमोन बाइल (Simone Biles) और क्रिकेट से इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स(Ben Stokes)।

क्रिकेटर से लेकर अन्य सभी खेलों के खिलाड़ियों को तनाव से बाहर निकलना सीखना होगा। धोनी उनके लिए अच्छा उदहारण हैं। 

Ben Stokes ने मानसिक तौर पर स्वस्थ होने के लिए अनिश्चित काल के लिए क्रिकेट से ब्रेक लिया है। बेन स्टोक्स ने क्यों लिया क्रिकेट से ब्रेक? 

इस विषय पर भारत के पूर्व क्रिकेटर मनिन्दर सिंह(Maninder Singh) ने क्रिकेटरों के मानसिक स्वास्थ्य पर अपनी राय दी है। उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को मानसिक रूप से सबसे मजबूत बताया। उन्होंने बताया की जिस प्रकार धोनी दबाव को सँभालते हैं वो हर किसी के लिए आसान नहीं है। 

देश के लिए 35 टेस्ट खेलने वाले मनिंदर ने एक TV न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया। TV एंकर ने उनसे सवाल किया,

"क्या धोनी की तरह एक बार क्रिकेट के मैदान से बाहर जाने के बाद इस खेल और मीडिया के दबाव से पूरी तरह से छुटकारा पाया जा सकता है?"

धोनी का स्वभाव है मीडिया से दूर रहना
इस पर मनिंदर ने बताया की MS Dhoni हमेशा मीडिया और अन्य चीज़ों से दूर रहे हैं। यह उनका वास्तविक स्वभाव है। मनिंदर के अनुसार हर कोई धोनी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा,

“देखिए हर कोई एमएस धोनी(MSD) नहीं हो सकता क्योंकि, हर किसी का एक बुनियादी स्वभाव होता है जो दूसरों से अलग होता है। धोनी अपने शुरुआती दिनों से ही हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। उन्होंने हमेशा कहा कि उन्होंने अखबार नहीं पढ़ा औैर ना ही न्यूज को फॉलो किया। जो ध्यान भटकाने वाली चीजों से खुद को संभालने का एक शानदार तरीका है, लेकिन दूसरों के लिए इसे फॉलो करना आसान नहीं है।”

इसे आगे बढ़ाते हुए मनिंदर बोले,

"जब कोई अपने मूल स्वभाव को बदलने की कोशिश करता है, तो यह आपके दिमाग के अंदर भी बहुत दबाव डालता है। इसलिए दबाव से निपटने के लिए धोनी के तरीके का पालन करना आसान नहीं है।” 

बहुत से लोग इनकार मोड में हैं। 
56 वर्षीय सिंह बोलते हैं की बहुत से लोग इंकार मोड में होते हैं। वो मानते नहीं की उन्हें इस तरह की समस्या हो सकती है। आगे मनिंदर कहते हैं,

“यह केवल क्रिकेटर ही नहीं है, बल्कि बहुत से लोग इनकार मोड में हैं। आप कह सकते हैं कि मैंने इस विषय की शुरुआत भारत में की थी, लेकिन विराट कोहली ने भी अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। इसलिए भारत में भी मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे हैं। जब कोई डाउन होता है तो वह अपने संघर्ष के बारे में बात कर रहा होता है। भारत में लोग यह कहने की जल्दी में हैं कि वह पागल हो गया। लेकिन, मुझे यकीन है कि बहुत सारे क्रिकेटर किसी-न-किसी से (मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से निपटने के लिए) मदद मांग रहे हैं और ले रहे हैं।” 

सूची में पहले ही बहुत से क्रिकेटर नाम जुड़ चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल(Glen Maxwell) भी अभी ब्रेक पर हैं, इंग्लैंड की सारा टेलर (Sarah Taylor) ने इन समस्यों के कारण सन्यास तक ले लिया। भारतीय कप्तान विराट कोहली(Virat Kohli) और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ(Steve Smith) भी अपनी समस्यों के बारे में बात करते हुए पाए गए। 

समस्या गंभीर है इसलिए चर्चा होनी आवश्यक है और सभी क्रिकेट बोर्ड और अन्य खेलों की संस्थाओं को भी इनसे निपटने का प्रयास करना चाहिए।  


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