IPL 2021: RR Vs PBKS - मयंक-राहुल पर भारी पड़ा Tyagi का अंतिम ओवर।
25 जून 1983 का दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे ऐतिहासिक दिन है जिसके बाद भारत ने विश्व क्रिकेट में अपना झंडा गाड़ दिया। आज के ही दिन कपिल देव की अगुवाई में भारत के अपना पहला विश्वकप जीता था। भारतीय क्रिकेट उस दिन के बाद दो भाग में बँट गया। एक विश्वकप के पहले का भारत और दूसरा विश्वकप के बाद का भारत।
25 जून को भारत ने 70-80 के दशक की सबसे खूँखार टीम और लगातार 2 बार जीतने वाली वेस्टइंडीज को हराकर विश्वकप पर कब्जा किया। अंडरडॉग समझी जानेवाली भारतीय टीम की ये विजय अप्रत्याशित थी। फाइनल मैच से पहले सभी लोग कह रहे थे कि भारत को आसानी से हराकर वेस्टइंडीज लगातार तीसरी बार वर्ल्डकप अपने हाथों से उठाएगा।
भारत के 183 के लक्ष्य को देख कर वेस्टइंडीज ने यही सोचा था। क्योंकि उनके पास गॉर्डन ग्रीनिज, डेस्मंड हेंस, खतरनाक विव रिचर्ड्स और कैप्टन क्लाइव लॉयड जैसे खिलाड़िओं की फ़ौज थी। 183 का लक्ष्य इनके लिए तो बायें हाथ का खेल था। उन्होंने तो पार्टी के लिए खूब सारी शैंपेन की बोतल भी मंगा ली थी।
पर जीत भारतीय टीम की हुई!
अब
बात
सेलिब्रेशन
की
जैसा की वेस्टइंडीज मैनेजमेंट ने सेलिब्रेशन के लिए मैच ख़त्म होने के पहले ही खूब सारी शैंपेन मंगा ली थी। पर सेलिब्रेशन का मौका भारत के हाँथ लगा। टीम को ज्यादा यकीन नहीं था की वो जीत पाएंगे इसलिए कोई तैयारी नहीं की थी।
कपिल खुद बोलते हैं कि -
"हमने
तो
सेमीफइनल
खेलने
के
बारे
में
सोचा
ही
नहीं
था
और
आप
फाइनल
की
बात
कर
रहे
हो।
हमने
तो
अपने
परिवार
के
साथ
छुट्टियाँ
प्लान
कर
लीं
थी।
वो
तो
जब
राउंड
मैच
में
हमने
उनको(वेस्टइंडीज) हराया तब हमें लगा की हम कुछ कर सकते हैं।"
तो
अब
बात
करते
हैं
शैंपेन
की
मैच खत्म होने के बाद कपिल और अमरनाथ वेस्टइंडीज टीम से हाथ मिलाने के लिए उनके ड्रेसिंग रूम पहुंचे तो देखा की वहाँ एक दम सन्नाटा फैला था। वो हार चुके थे। कपिल को वहाँ शैंपेन की बोतलें दिखाई दीं।
यहाँ भारतीय टीम के पास सेलिब्रेशन के लिए कुछ नहीं था। उन्होंने लॉयड से पूछा,
"क्या मैं आपके कमरे से शैंपेन की कुछ बोतलें ले जा सकता हूँ? हमने एक भी नहीं मंगवाईं हैं।"
लॉयड ने कपिल को ले जाने का इशारा किया। उसके बाद कपिल और मोहिंदर अमरनाथ ने कुछ बोतलें उठाई और टीम ने जम कर जश्न मनाया।
(कैसा नजारा होगा वो न!)
कपिल पाजी की पत्नी रोमी के अनुसार जैसे-जैसे वेस्टइंडीज की टीम चौके लगाती वैसे- वैसे उनकी उम्मीद खत्म हो रही थी। ऊपर से वेस्टइंडीज के समर्थक लगातार शोर मचा रहे थे। उनको तो जीत की उम्मीद थी। पर रोमी हार मानकर अपने होटल चलीं गई।
जब टीम जीत गई तब तो लॉर्ड्स के नजदीकी वेस्टमोरलैंड होटल में तो समा बंध गया। ऐसा लगा की वहाँ मिनी इंडिया आ गया। और वहाँ पूरी रात भांगड़ा हुआ।
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