IPL 2021: RR Vs PBKS - मयंक-राहुल पर भारी पड़ा Tyagi का अंतिम ओवर।
न्यू टीम इंडिया। जिसका सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देखते हैं। जो दुश्मन को उसी अंदाज़ में जवाब देना जनता है। और ऐसी ही है किंग विराट की टीम इंडिया जो हारा हुआ मैच भी जबड़े से खींच लाना जानती है। हाल में हुए सभी विदेशी धरती पर हुए मैचों के परिणाम से यही कहा जा सकता है।
पहली पारी में 191 रनों पर ALL OUT और 99 रनों से पिछड़ने के बाद भी भारत ने इंग्लैंड को चौथे टेस्ट मैच में 157 रनों से हरा दिया। इसी के साथ भारतीय टीम ने सीरीज में 2-1 की बढ़त भी बना ली। भारतीय टीम ने ये मैच किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन से नहीं जीती है बल्कि कई सूरमाओं का योगदान है।
आइये देखते हैं वे कौन कौन से योद्धा हैं जिनके कारण टीम जीत सकी।
#शार्दुल ठाकुर
भाई, इनका खेल तो ऑस्ट्रेलिया दौरे से तो निखरता ही जा रहा है। कंगारुओं को उनके देश में हारने में बल्ले और गेंद से जो योगदान दिया उसी का एक और नमूना ओवल के मैदान पर भी दिखाया। पहली पारी में टीम 127 पर जब सात विकेट खो कर लड़खड़ाती नजर आई तब 'पालघरचा राजा' शार्दुल ठाकुर ने अपने बल्लेबाजी का कौशल दिखाना शुरू किया। और बल्ला तो ऐसा भांजा की बॉथम के सबसे तेज अर्धशतक का भी रिकॉर्ड तो दिया। यहाँ पढ़ें 32 गेंदों में ५७ रन! और जब गेंदबाजी शुरू की तो पहली पारी में ओली पॉप के रूप में एक विकेट भी निकल लिया।
दूसरी पारी में भी जब टीम एक बड़ी लीड के लिए प्रयास कर रही थी तब ठाकुर के बल्ले ने ग़दर मचाया। इस बार भी ७० गेंदों में ६० रनों की तेज तर्रार पारी खेल डाली।
पंत के साथ 100 रनों की साझेदारी की। जिसके कारण भारत एक बड़ा लक्ष्य इंग्लैंड के सामने रख पाया। दूसरी पारी में भी शार्दुल ने दो विकेट निकाले जिसमें भारत के लिए सरदर्द बने कप्तान जो रुट का विकेट भी शामिल था।
इसी के साथ शार्दुल दोनों परियों में अर्धशतक और काम से काम एक विकेट लेने वाले पहले भारतीय बने।
#उमेश यादव
अपना पिछले मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने वाले उमेश(Umesh Yadav) को इस मैच में ईशांत शर्मा की जगह पर टीम में शामिल किया गया। और इसे उन्होंने साबित भी किया कि उनका सिलेक्शन सही है। क्योंकि पिछले तीन टेस्ट मैचों में भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई करने वाले कप्तान जो रुट(21 रन) को उन्होंने इस बार बड़ा स्कोर बनाने से पहले ही क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद उन्होंने पहली पारी में डेविड मलान, क्रेग ओवरटन के रूप में 2 और विकेट निकले।
दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आये उमेश ने दो गगनभेदी छक्के लगाकर 23 गेंदों में 25 रन बनाये। उसके बाद गेंदबाजी करते हुए उन्होंने क्रिस वोक्स, क्रेग ओवरटन और जेम्स एंडरसन जैसे टेलेंडर्स को चुटकी में निपटाया और भारत को एक बड़ी जीत दिलाई।
#रोहित शर्मा
हिटमैन(HITMAN) शर्मा का बल्ला इस सीरीज में चल तो रहा था पर अपनी पारी को बड़ी पारी में कन्वर्ट नहीं कर पा रहे थे। लिमिटेड ओवर्स का खतरनाक बल्लेबाज जैसे इसी मौके की तलाश में था। टीम पर प्रेशर, बल्लेबाजी का प्रेशर, हार का दबाव। ऐसे प्रेशर में अपने आप संतुलित कर हिटमैन की भूमिका को छोड़ रोहित ने धीरे-धीरे रन बनाना शुरू किया और विदेशी धरती पर अपना पहला शतक भी लगाया।
पहली पारी में जल्दी निपटने के बाद हालत बिगड़ गई और टीम 191 पर आउट हो गई। पर दूसरी पारी में रोहित ने गलती सुधारी और 50 से भी कम स्ट्राइक रेट से 127 रन बनाये और पारी को ढृढ़ता प्रदान की। उसका इनाम भी उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द मैच'(Player Of the Match) के रूप में मिला।
#जसप्रीत बुमराह
टेस्ट में सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले बूम बूम बुमराह की कमाल की गेंदबाजी और बल्लेबाजी इस मैच में देखने के लिए मिली। मतलब भाई को बल्लेबाजी इतनी अच्छी आती है जैसे लगता है की टॉप आर्डर का बल्लेबाज खेल रहा है। पहली पारी में जीरो पर आउट हुए पर दूसरी पारी में 38 गेंदों पर 24 रन बनाकर इंग्लैंड के मनोबल पर कड़ा प्रहार किया।
191 पर आउट होने के बाद टीम में जोश भरने का काम बुमराह ने चौथे ओवर में किया। जब एक ओवर में दोनों ओपनर्स को वापस भेज दिया। जिसके कारण भारत ने पहले ही दिन मैच पर पकड़ बनाने में सफल रहा। दूसरी पारी में भी दो महत्वपूर्ण विकेट निकाले। एक पहली पारी में अर्धशतकीय पारी खेलने वाले ओली पॉप और जॉनी बेयरस्टो के भी डंडे उखाड़े।
और अंत में किंग कोहली
#विराट कोहली
इस पूरे मैच के नेतृत्व कर्ता विराट(Virat Kohli) की ही मानसिक दृढ़ता के कारण भारत दूसरी बार 200 रन से कम पर आउट होने के बाद टेस्ट मैच को जीत सका। पिछले मैच में 76 पर ढहने वाली टीम के लिए जीतना उस टीम के कप्तान की मानसिक मजबूती और टीम के लड़ने के जज्बे को दिखती है। विराट ने ये साबित भी किया।
भले ही इनके बल्ले से कोई बड़ी पारी नहीं आ रही हो पर पहली पारी के 50 रन और दूसरी पारी के 44 रन इस मैच के लिए महत्त्वपूर्ण थे। पहली पारी के 50 रन के कारण ही टीम 191 तक पहुँच सकी।
उनकी कप्तानी, जोश और बोलिंग, फिलिन्डिंग की सेटिंग्स तो लाजवाब रही।
Comments
Post a Comment